Ankleshwar Entry-Exit Approved! 🚗
वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अंकलेश्वर के पास नया एंट्री-एक्जिट पॉइंट: यात्रा में नई गति
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक महत्वपूर्ण बदलाव को हरी झंडी दे दी है। यह नया एंट्री-एक्जिट पॉइंट पुनागम गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 64 दांडी पथ से जुड़ेगा, जो अंकलेश्वर के निकट स्थित है। इस फैसले से न केवल स्थानीय यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में भी सुधार आएगा। लंबे समय से चली आ रही इस मांग को पूरा करने के लिए एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने 6 अक्टूबर को साइट विजिट के दौरान स्वीकृति प्रदान की। यह कदम इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक मजबूत संकेत है, जो गुजरात के आर्थिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
इस प्रोजेक्ट के पीछे स्थानीय प्रतिनिधियों की मेहनत ने अहम भूमिका निभाई है। अंकलेश्वर के विधायक इश्वरसिंह पटेल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर इसकी आवश्यकता बताई थी। मंत्रालय ने उनकी अपील को स्वीकार करते हुए तुरंत कार्रवाई की। अब यह इंप्रूवमेंट न केवल ट्रैफिक जाम को कम करेगा, बल्कि दाहेज पोर्ट से सीधी पहुंच को भी आसान बना देगा। कुल मिलाकर, यह निर्णय गुजरात के ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम साबित होगा।
स्थानीय यात्रियों की लंबी प्रतीक्षा का अंत: कैसे बदलेगी दैनिक यात्रा
वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे गुजरात के व्यस्त मार्गों में से एक है, जो दिल्ली-मुंबई महापथ का हिस्सा है। इसकी कुल लंबाई लगभग 384 किलोमीटर है और इसका बजट हजारों करोड़ रुपये का है, जो 2025 के अंत तक चालू होने की उम्मीद है। पुनागम पर नया एक्जिट पॉइंट यात्रियों को एनएच-48 की ओर तेजी से ले जाएगा, जिससे समय की बचत होगी। पहले जहां घंटों का चक्कर लगाना पड़ता था, अब सीधी लाइन में कनेक्शन उपलब्ध होगा। यह बदलाव विशेष रूप से उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यह फेज पूरा होने से क्षेत्र की इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा। उद्योगपतियों ने भी इसकी सराहना की है, क्योंकि इससे माल ढुलाई में देरी कम होगी। इंस्पेक्शन के दौरान चेयरमैन ने साइट पर जाकर सभी पहलुओं की जांच की, जो उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कुल परिणामस्वरूप, यात्रा का अनुभव अब अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगा, जो सस्टेनेबल विकास का उदाहरण बनेगा।
औद्योगिक हब्स के लिए नई राह: अंकलेश्वर, पानोली और झगड़िया का लाभ
अंकलेश्वर जैसे प्रमुख इंडस्ट्रियल क्षेत्रों को अब एक्सप्रेसवे से बेहतर लिंक मिलेगा। यह नया पॉइंट दाहेज पोर्ट से सीधी पहुंच प्रदान करेगा, जो रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योगों के लिए क्रांतिकारी साबित होगा। पहले जहां लंबे रूट से माल भेजना पड़ता था, अब लॉजिस्टिक्स में तेजी आएगी। एनएचएआई के अनुसार, इससे ट्रैफिक फ्लो में 30 प्रतिशत तक कमी आएगी, जो पर्यावरण के लिए भी सकारात्मक है। स्थानीय व्यापारियों को अब मार्केट तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
पानोली और झगड़िया जैसे हब्स के लिए यह इंटीग्रेशन विकास की नई संभावनाएं खोलेगा। इन्वेस्टमेंट आकर्षित करने में मदद मिलेगी, क्योंकि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को लुभाएगा। साइट विजिट के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखा, जो निर्णय प्रक्रिया की पारदर्शिता दिखाता है। अंततः, यह कदम गुजरात को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में मजबूत करेगा।
Vadodara express highway entry point route map
भरूच से सूरत तक का सफर: नई शॉर्टकट की शुरुआत
भरूच से सूरत जाने वाले यात्रियों के लिए यह नया एक्जिट पॉइंट एक बड़ा उपहार है। अब वे एक्सप्रेसवे पर पुनागम तक पहुंचकर अंकलेश्वर-हंसोत-ओलपाड़ राज्य राजमार्ग से जुड़ सकेंगे। पहले जहां घुमावदार रास्तों से थकान होती थी, अब ट्रैवल टाइम आधा हो जाएगा। एनएचएआई की यह पहल कम्युटर्स की सुविधा को प्राथमिकता देती है। कुल मिलाकर, दैनिक यात्रा अब अधिक कुशल और कम खर्चीली बनेगी।
इस रूट के जरिए न केवल व्यक्तिगत यात्रा आसान होगी, बल्कि सामूहिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम भी मजबूत होगा। स्थानीय विधायक की भूमिका ने साबित किया कि जनता की आवाज सुनी जाती है। स्पीड और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा, जो सड़क दुर्घटनाओं को कम करेगा। यह बदलाव क्षेत्र के डेवलपमेंट को नई दिशा देगा।

भविष्य की दृष्टि: एक्सप्रेसवे परियोजना की व्यापक योजनाएं
वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे का पूरा प्रोजेक्ट 2025 के अंत तक चालू होने की कगार पर है, जो दिल्ली-मुंबई महापथ का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी 8 लेन वाली सड़क कुल 1350 किलोमीटर लंबे महापथ की गति बढ़ाएगी। नया पॉइंट इसी एक्सपैंशन का हिस्सा है, जो आगे और अधिक कनेक्टिविटी लाएगा। गुजरात सरकार की योजनाओं में यह फिट बैठता है, जो इकोनॉमिक ग्रोथ को लक्षित करती हैं। भविष्य में और पॉइंट्स जोड़े जा सकते हैं।
गवर्नमेंट की प्रतिबद्धता से स्पष्ट है कि इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश क्षेत्र को बदल देगा। पर्यावरणीय प्रभावों को ध्यान में रखते हुए सस्टेनेबल निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। यह परियोजना न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। कुल परिणामस्वरूप, गुजरात का फ्यूचर उज्ज्वल दिख रहा है।
निष्कर्ष
यह नया एंट्री-एक्जिट पॉइंट वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, जो स्थानीय जरूरतों और राष्ट्रीय विकास को जोड़ता है। एनएचएआई की त्वरित कार्रवाई से साबित होता है कि गवर्नेंस में पारदर्शिता कितनी महत्वपूर्ण है। लेकिन सवाल यह है कि क्या हम ऐसे बदलावों को समय पर लागू कर पाएंगे, ताकि आम आदमी को वास्तविक लाभ मिले? यह निर्णय न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की प्रोग्रेस को गति देगा।
पाठकों से अपील है कि वे इस इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति के हिस्से बनें और स्थानीय विकास में योगदान दें। क्या आप तैयार हैं एक तेज और जुड़े हुए भारत के लिए?
इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद जयपुर एक्सप्रेसवे 2025: मार्ग, प्रगति अपडेट और पूरा होने की तारीख
यहाँ वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अंकलेश्वर के नए एंट्री-एक्जिट पॉइंट से जुड़े 5 उपयोगी FAQ हिंदी में दिए गए हैं।
1. वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे पर नया एंट्री-एक्जिट पॉइंट कहाँ बन रहा है?
उत्तर: यह नया entry-exit point अंकलेश्वर के पास पुनागम गांव में बनेगा, जो NH-64 दांडी पथ से जुड़ेगा। इससे Dahej Port और Surat की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
2. इस नए एक्जिट से भरूच से सूरत जाने में कितना समय बचेगा?
उत्तर: पहले घुमावदार रास्तों से 1.5-2 घंटे लगते थे, अब Punagam exit से अंकलेश्वर-हंसोत-ओलपाड़ राज्य राजमार्ग पर सीधे जुड़कर 30-45 मिनट में सूरत पहुँचा जा सकेगा।
3. इस प्रोजेक्ट को मंजूरी किसने दी और कब?
उत्तर: NHAI चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने 6 अक्टूबर को साइट विजिट के दौरान मंजूरी दी। अंकलेश्वर विधायक इश्वरसिंह पटेल ने नितिन गडकरी को पत्र लिखकर इसे आगे बढ़ाया था।
4. अंकलेश्वर, पानोली और झगड़िया के उद्योगों को क्या फायदा होगा?
उत्तर: Dahej Port से सीधा लिंक मिलने से लॉजिस्टिक्स तेज होगी, माल ढुलाई सस्ती पड़ेगी और ट्रैफिक जाम 30% तक कम होगा। इससे industrial growth को बूस्ट मिलेगा।
5. क्या वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे 2025 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा?
उत्तर: हाँ, 384 किलोमीटर का यह 8-लेन एक्सप्रेसवे दिसंबर 2025 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है। यह दिल्ली-मुंबई महापथ का अहम हिस्सा है।









